मां तू है करुणामयी अपने चरणों में दे दे मुझे स्थान। मां तू है करुणामयी अपने चरणों में दे दे मुझे स्थान।
मैं यूँ ही नहीं आता जाता गुनगुनाता इठलाता हँसता और हंसाता हूँ ! मैं यूँ ही नहीं आता जाता गुनगुनाता इठलाता हँसता और हंसाता हूँ !
मिश्रित है गंगा का पावन जल आपकी तृप्ति के लिए मिश्रित है गंगा का पावन जल आपकी तृप्ति के लिए
संस्कृति सबकी तनिक निराली, पर ध्येय सभी का एक है संस्कृति सबकी तनिक निराली, पर ध्येय सभी का एक है
दया, ममता, करूणा ही, स्त्री का हथियार है। दया, ममता, करूणा ही, स्त्री का हथियार है।
पलक बिछाए मेरा इंतजार अब कौन करेगा, माँ तेरे जाने के बाद। पलक बिछाए मेरा इंतजार अब कौन करेगा, माँ तेरे जाने के बाद।